Showing posts with label सौभरेय ब्राह्मण गौरव. Show all posts
Showing posts with label सौभरेय ब्राह्मण गौरव. Show all posts

Sunday, 11 July 2021

सौभरेय ब्राह्मण गौरव पुरुस्कार

 तीनों प्रदेशों(उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश) के अंतर्गत आने वाले सभी स्वसमाज के गाँवों से ऐसे प्रतिभावान जो डॉक्टर, इंजीनियर, छात्र-छात्राएं, कलाकार, संगीतकार, खिलाड़ी, बिजनेसमैन, समाजसेवी, अध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी जिन्होंने कड़ी मेहनत कर अपने परिवार व समाज का नाम रोशन किया है । हम उनके लग्न, संघर्ष, अचीवमेंट्स आदि आपके समक्ष इस पेज के माध्यम से रखने की कोशिश करेंगे ताकि नई पीढ़ी के बच्चे व युवा उनसे प्रेरित होकर अपने परिवार व समाज  का नाम रोशन कर पाएं ।


वैसे "प्रतिभा" परिचय की मोहताज नहीं होती है । एक प्रतिभाशाली व्यक्ति में एक, दो, कम और अक्सर कई क्षेत्रों के बारे में उच्च क्षमता होती है। किसी भी समाज के उत्थान की पहली सीढ़ी 'हौसला अफजाई का एकजुट समर्थन' है, क्योंकि उसी हौसले से समाज की युवा पीढ़ी के लोग ही हर क्षेत्र में प्रगति कर सकते हैं। किसी भी व्यक्ति की प्रगति उसके परिवार व समाज पर बहुत निर्भर करती है। इसलिए बच्चों को वो सुविधाएं प्रदान करें जो जरूरतन हों ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ें। सच्ची प्रतिभा जल एवं वायु के वेग की भाँति होती है कोई कितना भी प्रतिबंधित करे कभी न कभी, कहीं न कहीं से बाहर आ ही जाती है । ऐसे हमारे स्वसमाज के होनहारों को समाज से परिचित कराने की जरूरत है। इससे प्रतिभावानों व समाज का  सीना गर्व से चौड़ा होता है और हौसला दोगुना । समाज इनके सपने और इनके हौसलों की उड़ान को सम्मान देकर पंख लगाने जैसा काम कर सकता है।

आप सभी स्वजनों से अनुरोध है कि आप अपने-अपने गांव से ऐसी प्रतिभाओं को चिन्हित करें व उनके नाम भेजें ताकि उन प्रतिभाओं को आप सबसे रूबरू करा सकें। वो प्रतिभावान आप में से भी कोई भी हो सकता है।

समाज की ओर से जो बढावा दिया जाना चाहिए वो प्रमुख कार्य-

1-सौभरेय शूरमाओं को समय-समय पर सम्मानित करना जिन्होंने सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, साहित्य, कला, संस्कृति इत्यादि क्षेत्रों में योगदान दिया हो ।

2-10,12 कक्षा मेधावी छात्रों के साथ-साथ राजकीय व केंद्रीय नौकरियों में जगह बनाने वाले बच्चों को पुरस्कृत करना ।

3-समस्त सौभरि ब्राह्मण समाज को एक वेबसाइट के जरिये सेंट्रलाइज्ड करना व वैबफॉर्म के जरिये डेटा एकत्रित करना जिसमें आने वाला नया स्वजन यूजर नाम, नम्बर, मेल आइडी,स्थान व उपगोत्र का विवरण भरे ।

4-मासिक व वार्षिक पत्रिकाओं का प्रकाशन व गांवों को छोड़कर शहरों की ओर पलायन किये हुए लोगों द्वारा होलीमिलन समारोह का आयोजन ।

5-समाज में व्याप्त कुरीतियां व रुढियों का उन्मूलन जैसे, दहेजप्रथा, बालविवाह, अशिक्षा क्योंकि अशिक्षित व रुढियों में जकड़ा हुआ समाज कभी भी विकास नहीं कर सकता ।

6- क्षेत्रीय स्तर पर ब्लड डोनेशन, आँखों के ऑपरेशन इत्यादि  के लिये चिकित्सीय कैम्प लगवाना

 7-प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं परिचय सम्मेलन ।

8- ब्रह्मा जी लेकर सौभरि जी व आज के अपने स्वसमाज तक के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री तैयार करवाना ।

9-दाऊजी मन्दिर अथवा गोवर्धन कुन्ज में पुस्तकालय की व्यवस्था व स्वसमाज की बहुमूल्य रचनाओं व वस्तुओं के संग्रह के लिये मिनी संग्रहालय का निर्माण ।

10- सर्वसमाज का वार्षिक सम्मेलन


 साभार: पंडित ओमन सौभरि भुर्रक, गाँव-भरनाकलां, गोवर्धन, मथुरा(उत्तर प्रदेश) ।

संबंधित लिंक...